Tuesday, August 23, 2011

जो उम्मीद है ...

हर निराशा के बाद
मुझको लगा
तुमको लगा
सबसे बड़ी है ये
फिर भी नहीं टूटा
नहीं टूटे कभी तुम
शायद
टूटती ये भी नहीं
जो उम्मीद है
मुझसे बड़ी
तुमसे बड़ी ...

Saturday, June 11, 2011

हाइकू छंद

१। मेरे भाई हो
  बिलकुल अलग
  मुझसे दूर

२। नभ के तारे
 हैं कितने प्यारे
 लेकिन दूर

३। अंतर्मन
    सुन्दर पीड़ा से
    खिल आया है

४.चिड़िया उड़ी 
   उड़कर आई है 
   धरती पर

५.शब्द पार
  अर्थ कई मिले हैं
   तुम जैसे ही

६. प्यार नहीं
    परिचय हमारा
    साथी हो तुम

७.आकाश नहीं
    मन का विस्तार
    तेरा आकार

८.अनाहूत हैं
   जो आये हैं अतिथि
   स्वागत है