Friday, November 30, 2018

बातें ..

हमारी हैं बातें
तुम्हारी हैं बातें
कहो कुछ न कुछ
और सुनो सबकी बातें ..

रहो न जुदा हमसे होकर के साथी
सही अब न जातीं
ये चुप्पी तुम्हारी
न तोड़ो ये रिश्ता
जो कायम है अब तक
कहो हाल अपना
सुनाओ फ़साना

हमारी हैं बातें
तुम्हारी हैं बातें
कहो कुछ न कुछ
और सुनो सबकी बातें..

मीठी हैं बातें
कड़वी हैं बातें
लगती हैं बातें
सुहाती हैं बातें
बातें हैं छोटी
बातें बड़ी हैं
बनती हैं बातें
बिगड़ती हैं बातें
मगर सबके होते
सम्भलतीं हैं बातें

हमारी हैं बातें
तुम्हारी हैं बातें
कहो कुछ न कुछ
और सुनो सबकी बातें...

                   
      

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