Sunday, March 30, 2008

कवि-सृजन

दूर की आहट
रात के सन्नाटे में
दे जाती है - एक खोज
उस खोज की अनुभूतियाँ ही तो हैं
जो काग़ज पर लिखी कविता है
अकेले में -
मेरे अस्तित्व की सीमा
जब असीम होती है
एक बूँद
जब सागर में विलय होती है
तभी तो उभरते हैं -
वो आकार
जो हैं शब्दों के प्रकार
फ़िर भी
कहाँ उतारा जा सकता है
अनभूतियों को शब्दों में
कहाँ ढूँढा जा सकता है
बूँद को सागर में
किंतु -
प्रयास कवि धर्म है
जीवन-प्रेषण ही उसका मर्म है
जो संगीत पैदा कर सके
हृदय को प्रेम भाव से भर सके
मनुष्य को प्रेरणा दे सके
उसकी चेतना जगा सके

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